सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। लंबे समय तक केंद्र सरकार के साथ चली बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। अनशन समाप्त करने के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह भी उनसे मिलने पहुंचे और उनकी सेहत की जानकारी ली।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं पर केंद्रीय मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चा हुई। बातचीत के बाद सरकार की ओर से कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह केवल भूख हड़ताल का अंत है, लेकिन जवाबदेही और सुधार की मांग जारी रहेगी। उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की तथा किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने का संदेश दिया।
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की चिंताओं पर संवाद जारी रखने और कुछ प्रमुख मुद्दों पर विचार करने का भरोसा दिया है। हालांकि, आंदोलन से जुड़े कई संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका अभियान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने को मौजूदा घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आगे होने वाली बातचीत और लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।