बड़वानी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी जिले के तलून में आयोजित श्री खाटू श्याम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा एवं 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि निमाड़ क्षेत्र संतों, लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की समृद्ध भूमि रही है। उन्होंने कहा कि संतों ने सदैव समाज को सेवा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया है। उनके अनुसार, जरूरतमंदों की सेवा और मानव कल्याण ही सच्ची भक्ति का स्वरूप है, जो भारतीय संस्कृति की मूल भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि तलून में निर्मित श्री खाटू श्याम मंदिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई मजबूती देगा और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों की सराहना की।
डॉ. यादव ने बाबा खाटू श्याम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका त्याग, समर्पण और धर्म के प्रति निष्ठा भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा खाटू श्याम की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, विकास तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका मानना है कि ऐसे धार्मिक केंद्र न केवल आस्था के प्रतीक होते हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में सांसद गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत पटेल, महंत महामंडलेश्वर हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, खाटू श्याम मंदिर समिति के अध्यक्ष शशि गिरि जी महाराज, अन्य संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।