इंदौर: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शिप्रा नदी के तट पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में सांवेर क्षेत्र के बूढ़ी बरलाई में आधुनिक घाट के निर्माण का कार्य जारी है। परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन घाट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षित सीढ़ियां, रेलिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं और बैठने के लिए पर्याप्त स्थान विकसित किए जाने की योजना है। प्रशासन का प्रयास है कि निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाए ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हाल ही में संबंधित विभाग के अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्माण में तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना का लाभ केवल सिंहस्थ तक सीमित नहीं रहेगा। घाट के विकसित होने के बाद आसपास के गांवों के नागरिकों को वर्षभर धार्मिक कार्यक्रमों, पूजा-अर्चना, स्नान और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार विभिन्न स्थानों पर सड़क, नदी तट, यातायात, स्वच्छता और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी आधारभूत परियोजनाएं न केवल बड़े धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में मदद करती हैं, बल्कि स्थानीय विकास और पर्यटन को भी लंबे समय तक लाभ पहुंचाती हैं।